Wednesday, 22 May 2019

बस अब सोना चाहता हूं! | har shayari-by Deepak bansal



Shayar ki Kalam se dil ke Arman...

1.थक गया हूं जिंदगी की भागम भाग से,बस अब सोना चाहता हूं!

मौत ही आ जाएं तो ओर बात है,बस अब जीना चाहता हूं!

थक चुका हूं दिखावटी हंसी हंस कर, बस अब जी भर कर रोना चाहता हूं!

बस अब थक चुका हूं जिंदगी की भागम भाग से,बस अब सोना चाहता हूं!

बस अब सोना चाहता हूं!

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