Thursday, 30 May 2019

मधुशाला Part 2-by Deepak bansal


मदिरा का वास्तविक अर्थ इससे पढने से पूर्व मधुशाला का पहला भाग पढ़िए!

1.मुझसे ना पूछ पता मंदिर या मस्जिद का,में मदिरालय में रहता हूं!
मुझसे ना पूछ पता सत्य का में सत्य के पास रहता हूं!
मुझसे ना पूछ पता ईश्वर या खुदा का, मैं स्वायम खुदा बन जाता हूं!
मै पीता हूं साहेब में पीता हूं !पीने के बाद ना जाने क्या क्या बन जाता हूं!
                                      

YE BHI PDIYE
MADHUSALA PART 1



Tuesday, 28 May 2019

मधुशाला...Part 1 madira pe shayari by-Deepak bansal

Shayar ki Kalam se dil ke Arman...
Shayari madira ka vastivik Arth btane wali shayari

1.एक भिखारी ने क्या खूब कहा था ,
मैने ढूंढा खुदा को मंदिर मस्जिद में,पर वो मुझे मदिरालय में मिला!
भूखा था साहेब दो दिन से,वहा मुझे गोस्त का स्वाद मिला!
झिडक दिया था जिन लोगो ने मंदिर मस्जिद में मुझे,उनके पास बैठ मुझे मदिरा का स्वाद मिला!
जहॉ भटक रहा था चंद्द  सिक्को के लिए मंदिर मस्जिद में , मदिरालय में मुझे पूरा 100 का नोट मिला !
आज इश्वर मुझे मंदिर मस्जिद में नहीं मदिरालय में मिला!


YE BHI PADIYE
MADHUSHALA PART 2

Monday, 27 May 2019

गहरी बात ...sad shayari-by srwan kachhawaha

Shayar ki Kalam se dil ke Arman...
मेरे मित्र sarwan kachhawaha द्वारा रचित कुछ गहरी बाते
जो मेरे द्वारा आज प्रकाशित की जा रही हैं!

1. अच्छे दिनों में अच्छी अच्छी दावते भी टाली जाती है
            और मुफ्लसी के दिनों में
   भूख नापी और रोटियां तक गिनी जाती हैं!



2. लोग छुपे राज ना बताने पर भी जानने की कोशिश करते हैं!
और अक्सर खुले दरवाजों के खजाने यूहीं खुले छोड़ दिया करते हैं!


Sunday, 26 May 2019

सूरत अग्निकांड.....hadsa -by Deepak bansal



Shayar ki Kalam se dil ke Arman...




सूरत में जिंदा जलते बच्चो को देखकर मन कुंठा से भर गया!

इन बच्चो की मौत का जिम्मेदार कौन है!

बिल्डिंग मालिक या कोचिंग संस्थान या वहा के सरकारी अधिकारी जिनकी रजामंदी से ये निर्माण हुआ !

और ऐसे ही कितने संस्थान हमारे आस पास चल रहे है!

पर अभी भी हम सब सो रहे हैं!

क्योंकि उन बच्चो में आपके घर से कोई नहीं था!

एक सवाल पूछे खुद से क्या ये दुबारा नहीं हो सकता? सचेत रहे !

और इस तरह के अनाधिकृत निर्माण और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ आवाज उठाए! बच्चे आपके ही है!

1.बच्चे जिन्होंने जीना भी नहीं सीखा था,आग को गले लगा बैठे!
मौत क्या होती हैं वो क्या जाने, वो तो छत से छलांग लगा बैठे!
जिम्मेदार कौन हमें बताए!वो जिम्मेदारीसे पल्ला झाड़ बैठे!
मौत का खोफनाक मंजर देख ,लोग  खुद को भुला बैठे! लोग खुद को भुला बैठे!



राजनीति या धर्म | rajniti or dhram ka ghal mel -by Deepak bansal

Shayar ki Kalam se dil ke Arman...

राजनीति में तो सिर्फ एक शायर हूं मुझे राजनीति से क्या लेना देना ।
पर वास्तविकता कि परिधि समाज के हर व्यक्ति को प्रभावित करती है।
मै भी उसी परिधि का हिस्सा हूं तो मुझपे भी राजनीति का प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।
मेरा उद्देश्य किसी पार्टी का विरोध करना नहीं है। पर धर्म जाति के नाम पर समाज को बाटने का विरोध मै करना चाहता हूं।
ऐसा क्या हुआ जो आज हम लोग इतने संकीर्ण मानसिकता के हो गए हैं।
क्यों हम एक दूसरे से इतने जुदा है।
क्यों हम व्यक्ति को उसके व्यक्तित्व से नहीं उसके धर्म या जाति या संप्रदाय से आकलन करने की कोशश करते है।
क्यों, ये एक सवाल जो आज हर व्यक्ति को स्वंयम् से करना चाहिए ।
माफ़ कीजियेगा, अगर मैने कुछ ग़लत कहा हो तो।
क्योंकि आज कल के राजनीति के माहोल में कब किसे देशद्रोही साबित कर दिया जाए । कोई बड़ी बात नहीं है। इसलिए आप सभी से माफी चाहता हूं।ये मेरे खुद के विचार है।

Saturday, 25 May 2019

जाम और चांद की दास्तान | love shayari -by Maan



Shayar ki Kalam se dil ke Arman...
मेरे मित्र जिनका की प्यार से नाम मान ये रचनाएं उन्हीं की है!
जिन्हे आज मै प्रकाशित कर रहा !
पढ़िएगा.....,,


1.गज दो गज जमीन नही मुझे मक़ान सारा चाहिए
मंजिले तुम्हारी छोटी है मुझे ये जाहां सारा चाहिए
चाँद सितारे पसन्द हैं तुम्हे, चलो तुम रख लो इन्हें
मेरे ख्वाब थोड़े बड़े है मुझे आसमान सारा चाहिए


2.वो एक जाम उस रात का सबको बेहोश कर गया।

एक मुसाफिर ना बचा महफ़िल में जो उस रात घर गया।।

मकसद कभी था ही नही मेरा तुझे पाने का "मान"।

वो तो तेरे होने का अहसास था जो जीने की वजह बन गया।।





2. वो चांद पूर्णिमा की रात का मैने खुद को सितारा लिख दिया!

वो मीठा समंदर मेरी प्यास का मैने खुद को किनारा लिख दिया!

वो मतवाली मदमस्त "बरखा" थी,सावन के नाम हो गया!

वो धूप कड़ी दोपहर की, खुद को जून सारा लिख दिया!

किस्मत का फैसला.....best quotes in hindi -by Deepak bansal



Shayar ki Kalam se dil ke Arman...

चांद चांदनी किस्मत सबको मिलाकर एक सुंदर रचना की कोशिश कृपया बताए केसी है




1.चांद की चांदनी बाकी है अभी!

मेरी किस्मत का फैसला बाकी है अभी!

मौत लिखी है या जिंदगी इसका एलान बाकी है अभी!

बस लिखना बाकी है अभी!

बस लिखना बाकी है अभी!


Friday, 24 May 2019

नयनों की बात..|mohabbat shayari-by Deepak Bansal



Shayar ki Kalam se dil ke Arman...

जब एक लड़की का ब्रेक अप होता है तो उसे उसका दोस्त सहारा देता है!

ब्रेक अप के बाद लड़की का रोना फिर लड़के का उसको चुप कराना उसके आसुं पोछना!

फिर उसके लिए बर्बाद होना!इसी को लेकर ये शायरी है




1.इन नम नयनों पर दस्तक देता है कोई!

नयनों की नमी सोखता है कोई!

खुशी की वजह बन जाता है कोई!

ओर इसी तरह बर्बाद हो जाता है कोई!
बस इसी तरह बर्बाद हो जाता है कोई!
!

Saturday, 18 May 2019

Social life...

Shayar ki Kalam se dil ke Arman...
इस पोस्ट में मैने social life pe likhne का प्रयास किया है आपके दिल तक पहुंच जाए तो मुझे सूचित कीजिएगा

1.इस अनजान दुनिया में कुछ अपने है!
इन शहरी रास्तों में सिर्फ सपने है!
जाता हूं जब गाँव के रस्ते,
वहां सब अपने ही अपने है!

2.कचरा सुनकर गंदगी का एहसास आता है ।
पर वास्तविकता में कचरा एहसान फरामोश लोगो का प्रतिबिंब नजर आता है।
जैसे इस्तेमाल कर छोड देते हैं लोग लोगो को,वैसे ही कचरा इस्तेमाल के बाद सड़कों पर नजर आता है।
ये वही कचरा है साहेब जो कभी किसी की जरुरत का सामान था ,आज सड़कों की शोभा बड़ाता है।
ये कचरा नहीं है साहेब ये लोगो की जरूरत का अंत नजर आता है। अंत नजर आता है।

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ये भी पढ़िए!
1.पिता का सच...2.Mohabbat shayari

                 3.Hevaniyat Par sawal